कोरोना की तरह आई नई आफत, पुणे में जीका वायरस का कहर: 6 मामले सामने आए, दो गर्भवती महिलाएं संक्रमित

जीका वायरस

पुणे: देश में एक बार फिर जीका वायरस अपना पैर पसार रहा है। महाराष्ट्र के पुणे से जीका वायरस के चौंका देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पुणे में अब तक छह मरीज मिले हैं जो इस वायरस से संक्रमित हैं। इनमें से दो महिलाएं गर्भवती हैं, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई है।

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जीका वायरस का फैलाव

सोमवार को पुणे में जीका वायरस के दो और नए मामले सामने आए, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या छह हो गई है। ये दोनों नए मामले एरंडवाने इलाके की गर्भवती महिलाओं से जुड़े हैं। पुणे में जीका वायरस के पहले मामले की सूचना एक डॉक्टर और उसकी किशोर बेटी ने दी थी, जो उसी इलाके में रहते हैं जहां दो नए मामले सामने आए हैं।

पहला मामला एरंडवाने में

पुणे में जीका वायरस संक्रमण का पहला मामला एरंडवाने में सामने आया था, जहां 46 वर्षीय डॉक्टर की रिपोर्ट सकारात्मक आई थी। इसके बाद उनकी 15 वर्षीय बेटी भी इस संक्रमण से संक्रमित पाई गई। उनके सकारात्मक परीक्षण के परिणाम के बाद, स्वास्थ्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया और प्रभावित क्षेत्र से नमूने एकत्र किए। शनिवार को यह पुष्टि हुई कि एरंडवाने की एक गर्भवती महिला और मुंधवा के एक 22 वर्षीय व्यक्ति में भी वायरस की पुष्टि हुई है।



गर्भवती महिलाओं में संक्रमण की पुष्टि

पुणे नगर निगम (पीएमसी) की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कल्पना बलिवंत ने बताया कि एकत्र किए गए 25 नमूनों में से 12 एरंडवाने से थे, जिनमें से सात गर्भवती महिलाओं के थे। इनमें से दो गर्भवती महिलाओं में जीका की पुष्टि हुई। मुंधवा से अतिरिक्त 13 नमूने एकत्र किए गए, जिनमें से किसी भी गर्भवती महिला में जीका की पुष्टि नहीं हुई।

संक्रमण को रोकने के प्रयास

जीका वायरस से संक्रमित गर्भवती महिलाओं को अधिक जोखिम माना जाता है, इसलिए स्वास्थ्य अधिकारी उनके लिए विसंगति स्कैन कर रहे हैं और दोनों प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रहे हैं। पुणे में जीका वायरस का प्रसार चिंता का विषय है। इसको नियंत्रित करने और आगे के संक्रमण को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य की निगरानी की सलाह

प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को मच्छरों के काटने से बचने के लिए सावधानी बरतने और जीका वायरस के किसी भी लक्षण के लिए अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने की सलाह दी गई है। जीका वायरस के लक्षणों में बुखार, शरीर पर चकत्ते, जोड़ों में दर्द, और आंखों में लालिमा शामिल हो सकते हैं।



पीएमसी की भूमिका

पुणे में वायरस के प्रसार को ट्रैक करने और उसे रोकने के लिए पीएमसी स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। पीएमसी नागरिकों से दिशा-निर्देशों का पालन करने और जीका वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और शहर में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय कर रहे हैं।

आगे की कार्यवाही

स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और अन्य उपायों को तेज कर दिया है। नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे घरों के अंदर और बाहर पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, और मच्छर भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करें।
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जनता से अपील

सरकार और स्वास्थ्य विभाग नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लक्षण की सूचना तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को दें। जागरूकता फैलाने और सामुदायिक सहयोग से ही इस महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

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